Category: पुस्तक समीक्षा

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हिन्दी उपन्यास को नया धरातल देता कुबेर

बी.एल. आच्छा डॉ. हंसा दीप का उपन्यास कुबेर कुछ मायनों में विशिष्ट है। एक फ्लैश बैक, जो ग्रामीण अंचल की टपरी से निकलकर न्यूयॉर्क की झिलमिलाती ज़िंदगी तक ले जाता है। यह गरीबी में...

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‘बंद मुट्ठी’ भावनाओं का जीवंत दस्तावेज़

डॉ. विजेंद्र प्रताप सिंह डॉ. हंसा दीप का प्रथम उपन्‍यास ‘बंद मु्ठ्ठी’ सिंगापुर एवं कनाडा के घटनाक्रमों पर आधारित डायरी एवं संस्‍मरण दोनों विधाओं का सम्मिश्रण कहा जा सकता है। अधिकांश उपन्‍यास अतीत की...